Sanskrit & Trika Shaivism (English-Home)

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05/21/2018 - Mālinīvijayottaratantra: Chapter 3


  1. I published the third chapter of Mālinīvijayottaratantra containing 68 stanzas (the most sacred Tantra of Trika Shaivism).
  2. In this chapter Śiva extracts (but in a veiled way) tons of mantra-s which are sacred to the śaiva-s.
  3. Natalia Ambikā translated the second section of Śivasūtravimarśinī into Russian language. Great effort!
  4. Dávid Farkas (Dávid Durvāsās) translated the Main Page of Mālinīvijayottaratantra (introduction and links to the chapters). Congratulations!
  5. May all this massive effort be for the elevation of all the sincere devotees of Śiva!
  6. Enjoy!


04/04/2018 - बुडापेस्ट में सेमिनार: जून के पहले तीन दिन, २०१८


04/04/2018

Gabriel Pradīpaka

  1. This is the schedule of my next seminar in Hungary during the first three days of June.
  2. The subject to be dealt with in this seminar will be 'Śivasūtra-s' (the aphorisms of Śiva revealed by Śiva Himself twelve centuries ago in the region of Kashmir, India). This scripture contains the most esoteric teachings of Trika Shaivism. It consists of 77 aphorisms revealed to the venerable sage Vasugupta. There are several commentaries on these aphorisms but Kṣemarāja's Śivasūtravimarśinī is regarded as the most authoritative one. Sage Kṣemarāja was the main disciple of the greatest Trika Master: Abhinavagupta. I will include some portions of his vast commentary in the seminar.
  3. Also, there is more information about this important event on the Hungarian Trika Page on Facebook.
  4. And my disciples in Hungary also created an event in Allevents.in.
  5. In addition, there is a group on Facebook exclusively created to speak about my upcoming seminar in Budapest.
  6. Enjoy!


03/29/2018 - मालिनीविजयोत्तरतन्त्र: अधिकार २


  1. मैंने मालिनीविजयोत्तरतन्त्र (त्रिक शैवदर्शन का सबसे पवित्र तन्त्र) का दूसरा अध्याय प्रकाशित किया।
  2. मैंने ६० श्‍लोकों के प्रत्येक श्‍लोक का मेरा सम्पूर्ण स्पष्टीकरण जोड़ा।
  3. आनंद लें!


08/24/2017 - नया यू.आर.एल और शीर्षक: यहां पढ़ें!


इस वेबसाइट के डोमेन नाम और शीर्षक, दोनों में बदलाव आया है!

  1. नया डोमेन नाम: « Sanskrit-trikashaivism.com » —पुराना डोमेन नाम, Sanskrit-sanscrito.com, निश्चित रूप से अब भी पृष्ठभूमि में काम कर रहा है, और तुरंत आपको नए डोमेन नाम पर पुनर्निर्देशित करता है—।
  2. नया शीर्षक: « संस्कृत & त्रिक शैवदर्शन » (पुराना शीर्षक: संस्कृत & सन्स्क्रितो)। यह वेबसाइट इन अठारह वर्षों के दौरान विकसित हुई है, और हमने सोचा कि चीजों की वर्तमान स्थिति को व्यक्त करने के लिए एक परिवर्तन आवश्यक है। प्रारंभ में, मैंने वेबसाइट को 'संस्कृत और सन्स्क्रितो' का नाम दिया था क्योंकि इसमें दो वर्ग शामिल थे - एक वर्ग अंग्रेजी में और दूसरा वर्ग स्पेनिश में। मगर, वर्षों से (इस क्रम में) पुर्तगाली, हंगेरियन, रूसी और हिंदी वर्गों के जोड़ से वेबसाइट के शीर्षक ने सच्चाई को व्यक्त करना बंद कर दिया। इसके अलावा, त्रिक शैवदर्शन (कश्मीर का महान अद्वैत शैवदर्शन) धीरे-धीरे हमारी साइट पर अपना महत्व बढ़ाते हुए ऐसे स्तर पर पहुंच गया है जहां से वह लगभग अत्यन्त महत्वपूर्ण है। इस कारण से, नये शीर्षक में उत्तरी भारत के इस महत्वपूर्ण दार्शनिक प्रणाली का नाम शामिल है। इसके द्वारा त्रिक शैवदर्शन से संबंधित खोज भी ज्यादा आसान और अधिक महत्वपूर्ण बनेंगे।
  3. संक्षेप में, हम दोनों डोमेन नाम रखते हैं: Sanskrit-trikashaivism.com और Sanskrit-sanscrito.com (नया और पुराना, क्रमशः) ताकि आगंतुकों को हमें ढूंढने में कोई समस्या न हो।
  4. चेतावनी: हमने « Sanskrit-sanscrito.com.ar » डोमेन नाम छोड़ दिया है। इसलिए, इस डोमेन नाम का उपयोग करने वाली किसी भी भविष्य वेबसाइट का हमारे साथ कोई रिश्ता नहीं है
  5. जो लोग हमें बैकलिंक दे रहे हैं, कृपया अपने पन्नों पर पुराने/छोड़े हुए Sanskrit-sanscrito.com.ar (साथ ही साथ पूरी तरह से काम करने वाले Sanskrit-sanscrito.com) को नई Sanskrit-trikashaivism.com से अपडेट करें।
  6. आनंद लें!


03/16/2016 - मेरी पुस्तकें: उन्हें यहाँ प्राप्त करें!


 मेरी सारी पुस्तकें आपके लिए यहां उपलब्ध हैं:

Recognizing the Self: Introduction

अमेज़न - फ्लिपकार्ट - शॉपक्लूस - पेटीएम् - वाइट फाल्कन

आनंद लें!



01/25/2016 - त्रिक गुरु गब्रिएल प्रदीपक: उनके बारे में


Trika Guru Gabriel Pradīpakaगब्रिएल प्रदीपक

आध्यात्मिक नाम: प्रदीपक (अक्षरशः "वह व्यक्ति जो प्रकाश डालता है", अर्थात वह व्यक्ति जो धर्मग्रंथों के गुप्त अर्थों पर प्रकाश डालता है)।

राष्ट्रीयता: अर्जेंटीनी। वह रोसारियो में पैदा हुए थे, किन्तु मॉस्को में रहते हैं।

Spiritual lineage: १९८३ (अप्रैल) में उन्होने शक्तिपात (शक्ति का अवरोहण, अर्थात अनुग्रह) के रूप में सहज दीक्षा प्राप्त किया जब वह स्वामी मुक्तानन्द की एक तस्वीर देखते वक्त पवित्र मंत्र "ॐ नमः शिवाय" का जाप कर रहे थे। इसलिए, १९८२ में स्वामी मुक्तानन्द के समाधि लेने के बावजूद, गब्रिएल प्रदीपक उन्हे अपना गुरु मानते है। कुछ महीने बाद (अक्टूबर, १९८३) उनको स्वामी अलक्षानन्द (मुक्तानन्द के आध्यात्मिक वंश के एक सदस्य) ने "नियमानुसार" दीक्षा दिया। जैसे आप निश्चित रूप से जानते हैं... या शायद नहीं... मुक्तानन्द वह उस्ताद है जिन्होने पश्चिम को सिद्धयोग पथ से परिचित किया। १९८९ तक गब्रिएल प्रदीपक प्रसिद्ध सिद्ध योग समाज में सीख/काम कर रहे थे। १९८९ के पिछले भाग से १९९१ के अंतिम भाग तक और १९९४ के पिछले भाग से १९९७ के अंतिम भाग तक वह एक और शिक्षक (महान मुक्तानन्द के एक और शिष्य) के साथ सीख/सिखा/काम कर रहे थे, जो उनके योगी जीवन में महत्वपूर्ण थे। और १९९७ के बाद से वह "अपने दम पर" हैं।

वह स्वामी लक्ष्मण जू को अपने गुरु के रूप में पहचानते हैं।

२०१६ के फरवरी में उन्होंने परभैरवयोग की स्थापना की, जो एक नवीनतम आध्यात्मिक आंदोलन है और जिसकी दुनिया भर में फैलाव की शुरुआत हुई है।

संक्षेप में, वह संस्कृत भाषा और त्रिक दर्शन से परिचित एक आध्यात्मिक गुरु है, जो संपूर्ण आध्यात्मिकता पर प्रकाश डालते है और आत्मख्याति या अंतिम मुक्ति के नाम से जाने गए प्रक्रिया के साथ आध्यात्मिक उम्मीदवारों की मदद करते है।
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01/20/2015 - यूट्यूब पर मेरा चैनल: इसमें मेरे वीडियो सेमिनारों का एक संग्रह है


यह मेरा यूट्यूब चैनल है, जिसमें विभिन्न वीडियो सेमिनारों का एक संग्रह है



03/01/2018 - मालिनीविजयोत्तरतन्त्र: अधिकार १

  1. ५० श्‍लोकों के पहले अधिकार के प्रकाशन के साथ, विशाल मालिनीविजयोत्तरतन्त्र (त्रिक शैवदर्शन का सबसे पवित्र तन्त्र) का मेरा अनुवाद आरंभ होता है!
  2. मेरे प्रयास से महान शिव के सच्चे अनुयायियों के कल्याण में वृद्धि हो!
  3. आनंद लें!

02/15/2018 - स्पन्दनिर्णय IV.१ to IV.२: समाचार पढ़ें!

  1. I published the translation/commentaries/explanations of the entire fourth section of Spandanirṇaya (the most authoritative commentary on Spandakārikā-s, which was written by the great Kṣemarāja). My work on the fourth section of Spandanirṇaya is now finished! And with this, I can announce that the whole Spandanirṇaya has been then translated and explained by me completely! May there be welfare for all!
  2. It took me many months of strenuous efforts to finish such a sacred scripture. If you print it out, you will get a few hundreds of pages indeed! I dedicate all my work to Paramaśiva, of whose Body this colossal universe is just a small particle situated in a corner of His Being!
  3. I am already working hard with the next scripture!
  4. Enjoy!

02/08/2018 - विभिन्न अपडेट: समाचार पढ़ें!

  1. हमारे सहयोगी, डाविड फार्कस ने क्षेमराज के स्पन्दनिर्णय में तीसरे अनुभाग (केवल १ से १० तक सूत्र) को हंगेरियन में अनुवाद किया। इसके अलावा, उसने परात्रीशिकाविवरण के श्लोक ३ और ४ के भाग १ और २ का अनुवाद भी समाप्त कर दिया। अपने विशाल प्रयासों पर बधाई, डाविड!
  2. इसके अतिरिक्त, हमारे सहयोगी नतालिया अंबिका ने क्षेमराज के शिवसूत्रविमर्शिनी में ११ से २२ तक सूत्रों को रूसी में अनुवाद किया। अब इस महत्वपूर्ण धर्मग्रंथ का संपूर्ण पहला अनुभाग पूरी तरह से रूसी भाषा में है। बधाई हो, नतालिया!
  3. अंत में, हमारे सहयोगी मार्लोन मेलिन ने अपने सभी सॉफ्टवेयर को नए संस्करणों में अपडेट किया: जाएं और उसके प्रोग्रामों को डाउनलोड करें! बधाई हो, मार्लोन!
  4. हमारे विभिन्न अपडेटों का आनंद लें!

01/26/2018 - स्पन्दनिर्णय III.11 to III.19: समाचार पढ़ें!

  1. I published the translation/commentaries/explanations of the aphorisms 11 to 19 in the third section of Spandanirṇaya (the most authoritative commentary on Spandakārikā-s, which was written by the great Kṣemarāja). My work on the third section of Spandanirṇaya is now finished!
  2. I am intent on completing the fourth section (the last part of this scripture)!
  3. Enjoy!

12/30/2017 - स्पन्दनिर्णय III.1 to III.10: समाचार पढ़ें!

  1. मैंने स्पन्दनिर्णय के तीसरे अनुभाग के १ से १० तक सूत्रों (स्पन्दकारिकाँ पर सबसे आधिकारिक विवरण, जो कि महान क्षेमराज द्वारा लिखा गया था) का अनुवाद/विवरण/स्पष्टीकरण प्रकाशित किया। स्पन्दनिर्णय के तीसरे अनुभाग पर मेरा काम केवल अर्ध-समाप्त ही हुवा है!
  2. अब मैं शेष अर्ध-भाग को पूरा करने के लिए तैयार हूं!
  3. आनंद लें!

12/09/2017 - विशाल अद्यतन: समाचार पढ़ें!

  1. गुरुजी नवंबर के महीने में गणेशपुरी (भारत) में थे —उनकी आध्यात्मिक वंश की पवित्र भूमि—!
  2. गणेशपुरी में गुरुजी के काम के कारण, आपके लिए ये नई चीजें उपलब्ध हैं: (1) विशाल सेमिनार जो यूट्यूब पर प्रकाशित की गई है, (2) हमारा परभैरवयोग गैलरी भी कई नई तस्वीरों के साथ अपडेट किया गया है, और (3) फेसबुक पर हमारा पृष्ठ इसी तरह सभी समाचारों और मीडिया के साथ अपडेट किया गया है।
  3. यूट्यूब पर वीडियो अपडेट के अलावा, चैनल भी पूरी तरह से पुनर्निर्मित किया गया है।
  4. हमारा यूट्यूब चैनल तेजी से बढ़ रहा है। अब इसमें १८३ (आम तौर पर लंबे) वीडियो हैं जो ३०,००० से भी अधिक बार देखे गये हैं। चैनल में ३३८ सदस्य भी हैं!
  5. इसके अतिरिक्त, हमारे सहयोगी भी कड़ी मेहनत कर रहे थे: (1) डाविड फार्कस ने स्पन्दनिर्णय के दूसरे अनुभाग को पूरी तरह से हंगेरियन में अनुवाद किया (भारी कार्य!) और (2) नतालिया अम्बिका ने शिवसूत्रविमर्शिनी के पहले दस सूत्रों का रूसी में अनुवाद पूरा किया (एक और बड़ा प्रयास!)।
  6. आनंद लें!

11/08/2017 - सॉफ्टवेयर अद्यतन: समाचार पढ़ें!

  1. कनाडा के हमारे सहयोगी, मार्लन मेलिन ने उनके सभी तीन सॉफ्टवेयर को विंडोज १० पर बेहतर काम करने के लिए अद्यतन किया!
  2. बधाई हो, मार्लोन, हमेशा की तरह!
  3. आनंद लें!

10/21/2017 - स्पन्दनिर्णय अनुभाग २ (सम्पूर्ण): समाचार पढ़ें!

  1. मैंने स्पन्दनिर्णय के संपूर्ण दूसरे अनुभाग (स्पन्दकारिकाँ पर सबसे आधिकारिक विवरण, जो कि महान क्षेमराज द्वारा लिखा गया था) का अनुवाद/विवरण/स्पष्टीकरण प्रकाशित किया। यह दूसरे अनुभाग में केवल सात सूत्र हैं, लेकिन उनका अर्थ बेहद गहरा है। इस कारण, मुझे कई महत्वपूर्ण विषयों को विस्तार से समझाने के लिए मजबूर होना पड़ा। तो, हाँ, यह एक बहुत लंबा पृष्ठ है, शायद अब तक मेरे द्वारा प्रकाशित किया गया सबसे लंबा पृष्ठ।
  2. अब, मैं तीसरे अनुभाग के पहले सूत्रों को अनुवाद करना शुरू कर रहा हूं।
  3. आनंद लें!

09/17/2017 - स्पन्दनिर्णय I.२२ से I.२५ तक: समाचार पढ़ें!

  1. मैंने स्पन्दनिर्णय के पहले अनुभाग के २२ से २५ तक सूत्रों (स्पन्दकारिकाँ पर सबसे आधिकारिक विवरण, जो कि महान क्षेमराज द्वारा लिखा गया था) का अनुवाद/विवरण/स्पष्टीकरण प्रकाशित किया, और इसके द्वारा मैं घोषणा कर सकता हूं कि मैंने स्पन्दनिर्णय के पहले अनुभाग के साथ अपना काम समाप्त कर दिया।
  2. अब मैं गति प्राप्त कर रहा हूं और तेजी से आगे बढ़ रहा हूं!
  3. इसके अलावा, हमारे सहयोगी नतालिया अंबिका ने ब्लॉग पर "परभैरवयोग में अभ्यास - भाग २" का रूसी में अनुवाद समाप्त कर दिया, और अब वह शिवसूत्रविमर्शिनी का अनुवाद शुरू कर रही है। अत्युत्तम प्रयास!
  4. आनंद लें!

09/02/2017 - स्पन्दनिर्णय I.१७ से I.२१ तक: समाचार पढ़ें!

  1. यह मुख्य वेबसाइट पर तीन साल से बिना किसी त्रिक धर्मग्रंथ के अनुवाद के बाद, मैं स्पन्दनिर्णय के पहले अनुभाग के १९ से २१ तक सूत्रों (स्पन्दकारिकाँ पर सबसे आधिकारिक विवरण, जो कि महान क्षेमराज द्वारा लिखा गया था) का अनुवाद/विवरण/स्पष्टीकरण प्रकाशित करते हुए अपना कार्य पुनः प्रारम्भ कर रहा हूँ।
  2. मुझे आशा है कि आप इस अचानक अद्यतन से खुश हैं!
  3. आनंद लें!

08/25/2017 - और अनुवाद: समाचार पढ़ें!

  1. डाविड फार्कस ने परात्रीशिकाविवरण (सबसे कठिन त्रिक शास्त्र) में १ और २ श्लोक के चौथे भाग तक अनुवाद किया। अतः उसने पहले दो श्लोक और उनकी टिप्पणियों का हंगेरियन में अनुवाद पूरी तरह से समाप्त कर दिया।
  2. हमारे सहयोगी, ब्राज़ीलियाई जुड़वाँ ने अभिनवगुप्त विरचित परमार्थसार में श्लोक ७४ (और उसके संबंधित टिप्पणी) तक अनुवाद किया।
  3. बधाई हो, सहयोगी, अपने महान कार्य पर!
  4. आनंद लें!

07/19/2017 - एक विशाल अद्यतन: समाचार पढ़ें!

  1. हमारे सहयोगी, डाविड फार्कस ने आदरणीय अभिनवगुप्त विरचित परमार्थसार का हंगेरियन में अनुवाद पूरा किया। (बधाई हो, डाविड!)
  2. उस विशाल अनुवाद को पूरा करने से प्रसन्न न हुए, उसने परात्रीशिकाविवरण (सबसे कठिन त्रिक शास्त्र) को अनुवाद करना प्रारम्भ किया। अब तक उसने परिचय तथा १ और २ श्लोकों के पहले भाग को अनुवाद किया है। (बहुत बढ़िया, डाविड!)
  3. हमारे सहयोगी, नतालिया आम्बिका (गुरुमा के नाम से भी जानी वाली) ने ब्लॉग पर मेरी "परभैरवयोगसंस्थापनप्रचोदनम लघु वृत्ति" - (भाग १ - भाग २ - भाग ३) का रूसी में भारी अनुवाद पूरा किया। (अत्युत्तम!)
  4. और उसने ब्लॉग पर अनुवाद जारी रखा: परभैरवयोग में अभ्यास - भाग १। (इसे जारी रखो!)
  5. आशापूर्वक आप इस विशाल अद्यतन से खुश हैं।
  6. आनंद लें!

05/24/2017 - एक और महत्वपूर्ण ब्लॉग अद्यतन: समाचार पढ़ें!

  1. मैंने ब्लॉग पर 'परभैरवयोग में अभ्यासों के बारे में मेरे लंबे निबंध का दूसरा भाग' प्रकाशित किया!
  2. इस दूसरे भाग में मैं शाम्भवोपाय के बारे में सिखाता हूं, जो कि त्रिक शैवदर्शन में सबसे आसान और साथ ही सबसे कठिन विधि है। मैंने शाम्भवोपाय के साथ मेरा अपना अनुभव भी वर्णित किया ताकि पाठक इस विधि को अधिक वास्तविक तरीके से जान सकें।
  3. आदरणीय अभिनवगुप्त विरचित परमार्थसार में हमारे सहयोगी, डाविड फार्कस ने ५१ से ७० श्लोकों (टिप्पणियाँ और नोट्स सहित)... को हंगेरियन में अनुवाद किया... एक और बड़ी छलांग! महान प्रयास! अनुवाद करने के लिए केवल ३५ पन्ने बचे हैं। हम लगभग वहां हैं!
  4. आनंद लें!

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